संवाददाता कानपुर:- आपने आजतक शादी टूटने के कई कारण सुने होंगे, कहीं रसगुल्लों की कमी की वजह से बारात लौट जाती है तो कहीं दहेज की वजह से तो कहीं आदर सत्कार की कमी को मुद्दा बताकर शादी तोड़ दी जाती है। लेकिन  शादी टूटने का ऐसा कारण शायद पहली बार सामने आया है।

बात कानपुर की है जहां एक जोड़े की शादी की पूरी तैयारी हो जाती है। एक दूसरे को समझने के लिए घरवालों ने एक मंदिर में दोनों की मुलाकात कराने का फैसला लिया। दोनों मंदिर में मिलते हैं, एक दूसरे से अपने विचारों का आदान प्रदान करते हैं। बातों बातों में बात शादी के खर्चों तक पहुँच जाती है। शादी के खर्चों को विभाजित करने का फैसला करते समय, भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर विचार विमर्श होता है।

दुल्हन, जो कि एक सरकारी कर्मचारी हैं, भारत की खराब आर्थिक स्थिति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार बताती है, तो वहीं दूसरी तरफ दूल्हा जो पेशे से एक व्यापारी है एक मोदी समर्थक बन जाता है और उसकी बात से असहमत हो जाता है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस काफी बढ़ जाती है और बात इतना आगे निकल जाती है कि लड़की शादी करने से इंकार कर देती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here