सूबे के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में राज्य के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में वर्ष 2017-18 के लिये 3,84,659.71 करोड़ का बजट पेश किया जो पिछले साल के सापेक्ष 10.9 प्रतिशत अधिक है। बजट में सरकार ने नई योजनाओं लागू करने के लिये 55,781.96 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है। बजट में 3,77,190.88 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्ति का अनुमान है और इस प्रकार 7,468.63 करोड़ रूपये राजस्व के घाटे का अनुमान है।

बजट पेश करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने वित्त मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि, वित्त मंत्री ने सरकार का पहला बजट पेश किया उसकी बधाई। सीएम योगी ने कहा कि यह बजट गांव, ग़रीब किसान, नौजवान, महिलाओं को समर्पित है।सीएम योगी ने कहा कि यूपी की  विकास दर को दहाई के आंकड़े तक ले जाना हमारा लक्ष्य होगा।

बजट के अनुसार केन्द्र सरकार से जीएसटी का 65 हजार करोड़ रूपये प्राप्ति होने का अनुमान है जबकि सरकार को विभिन्न सोत्रों से 20, 593 करोड़ रूपये मिलने की उम्मीद की जा रही है। वित्त मंत्री ने योगी सरकार का पहला बजट पेश करते हुए किसानो, नौजवानों तथा विद्यार्थियों को रिझाने की कोशिश की है वहीं दूसरी ओर इसमें आधारभूत ढ़ाचों को मजबूत करने की योजनाओं पर ध्यान दिया है। बजट में 33,200 पुलिस कर्मियों की भर्ती करने की घोषणा तथा कानून व्यवस्था सुधारने की व्यवस्था की गयी है। बजट में किसानों, दुर्बल वर्ग, महिलाओं एवं बालिकाओं, बुजुर्गों और युवा वर्ग को समाज में भयरहित वातावरण प्रदान करने और सम्मान पूर्वक जीवन व्यतीत करने के लिये योजनायें बनायी है।

बजट के मुख्य अंश:

  • 36 हजार करोड़ की व्यवस्था किसानों के लिए की गयी है,
  • संकल्प पत्र को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है,
  • दिव्यांगों के लिए 324 से बढ़ाकर 550 करोड़ का बजट,
  • सामूहिक विवाह की नई योजना चलेगी इनके लिए 250 करोड़,
  • 2 नई चीनी मिलों की स्थापना होगी,
  • सकल घरेलू उत्पाद का ऋण प्रतिशत कम हुआ,
  • पूर्वांचल, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बनाएंगे।
  • प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था
  • पूर्वांचल के विकास के मकसद से बनाई गईं विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़
  • अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के लिए 941 करोड़ रुपये
  • ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट और कृष्ण सर्किट के लिए 1240 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • कानपुर, वाराणसी, आगरा और गोरखपुर में मेट्रो चलाए जाने का प्रस्ताव। मेट्रो रेल परिजयोजनाओं के लिए 288 करोड़ का बजट।

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