सुप्रीम कोर्ट ने पुराने नोट जमा करने की 31 मार्च की डेडलाइन ख़त्म करने पर केन्द्र सरकार से 2 सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर मेरी कानूनी रकम है और मैं बीमारी के कारण नही जमा करा पाया तो आप मुझे मेरा पैसा जमा कराने से कैसे रोक सकते है। कोर्ट का कहना है कि जिस व्यक्ति का इसको लेकर कोई वाजिब कारण था, उन लोगों का क्या हुआ. दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से देश में लोगों को पुराने नोट बदलने के लिए 30 दिसंबर तक की डेडलाइन दी हुई थी, वहीं एनआरआई लोगों के लिए ये आखिरी डेट 30 जुलाई तक है. वहीं बैंक 20 जुलाई तक पुराने नोट आरबीआई में जमा करवा सकते हैं.कोर्ट ने सरकार और रिजर्व बैंक दोनों से पूछा है कि 500 और 1000 के पुराने नोट बदलवाने का मौका दोबारा क्यों नहीं मिलना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने कहा कि अगर कोई जेल में है तो वो कैसे रुपये जमा कराएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों के लिए कोई ना कोई विंडो जरूर देनी चाहिए। केंद्र सरकार अपना जवाब देने के लिए कोर्ट से दो हफ्ते का समय मांगा है।

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