अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा को यादगार बनाना चाहते हैं। सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से डिनर का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप पहली बार किसी विदेशी नेता के सम्मान में डिनर दे रहे हैं। यह एक महत्वपूर्ण बात है।अधिकारी ने बताया कि व्हाइट हाउस में दोनों नेता कई घंटों तक साथ रहेंगे। दोनों के बीच पहले अकेले में बातचीत होगी और इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की मुलाकात होगी। इस दौरान दोनों नेताओं को एक-दूसरे को समझने और बातचीत करने का भरपूर समय मिलेगा। बैठकों के दौरान अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति माइक पेंस, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ले. जनरल एचआर मैकमास्टर, विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन, रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस, वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस और वित्त मंत्री स्टीवन म्नूचिन मौजूद रहेंगे। अधिकारी ने कहा कि एशिया प्रशांत और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा के लिहाज से राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ संबंधों को काफी अहमियत देते हैं।

असैन्य परमाणु सहयोग पर चर्चा

मोदी और ट्रंप की बैठक के दौरान असैन्य परमाणु सहयोग पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका अब भी भारत में परमाणु रिएक्टर लगाने के प्रति उत्सुक है। इससे जहां भारत को ऊर्जा सुरक्षा का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी, वहीं अमेरिका में इससे रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे।
पाकिस्तान को कोई खतरा नहींभारत के साथ होने वाले रक्षा करार से पहले अमेरिका ने कहा है कि इससे पाकिस्तान को कोई खतरा नहीं है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि हम भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तरह का तनाव बढ़ाना नहीं चाहते हैं। दोनों देशों के बीच हथियारों की खरीद को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन, हमें नहीं लगता कि पाकिस्तान पर इसका कोई असर पड़ने वाला है। अधिकारी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय बातचीत के जरिये संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। मोदी की यात्रा के दौरान भारत अपनी नौसेना के लिए अमेरिका से 22 ड्रोन विमान खरीदने का करार कर सकता है।

वीजा मुद्दे पर वार्ता को तैयार

अमेरिका ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान यदि भारत एच-1बी वीजा का मुद्दा उठाता है, तो वह इस पर बातचीत करने के लिए तैयार है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि एच-1बी वीजा को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने एक आदेश जारी किया है। हालांकि, वीजा आवेदन या इसे जारी करने की प्रक्रिया में फिलहाल कोई बदलाव नहीं आया है। इसलिए नई नीति का भविष्य में क्या असर होगा, इसका पूर्वानुमान लगाना इस समय मुश्किल है।

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